दिल्ली बार कौंसिल के नवनिर्वाचित चेयरमैन श्री राकेश सेहरावत का किया गया हार्दिक अभिनंदन।                     हिन्दु मुसलमानों से अगर कुछ सीख लेते,तो उनको दुर्दिन न देखने पड़ते। -अश्विनी भाटिया                     आर एस चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंद लोगों को फ्री राशन और राखी का वितरण।                     देश विभाजन और लाखों लोगों की हत्या के जिम्मेदार गांधी-नेहरू और जिन्ना को हम कभी माफ नहीं करेंगे। -अश्विनी भाटिया आज 15 अगस्त है।आज से 74 वर्ष पूर्व जहां भारत को अंग्रेजी साम्राज्य से मुक्ति मिली,वहीं भारत को विभाजन का दर्द भी मिला।                      ममता ने सभी संवैधानिक मर्यादाओं को किया तार -तार।बंगाल की हिंसा को सरकार का संरक्षण।- विजयवर्गीय                     
29/01/2017 

काश हिन्दू कट्टर और आतंकी होता तो आज बहुत कुछ अलग होता।

काश हिन्दू क्ट्टर और आतंकवादी होता तो देश और दुनिया का नक्शा कुछ अलग होता। भारत और हिन्दू एक हजार साल तक गुलाम न होता। न कोई मोहम्मद बिना कासिम ,महमुद गजनवी, मोहम्मद गौरी , तैमूर लंग , बाबर, अहमद शाह अब्दाली , नादिर शाह जैसे इस्लामिक लूटेरे भारत में आकर लूटपाट और रक्तपा न ही मुगल साम्राज्य स्थापित होता ओर न ही औरांगजेब जैसा अत्याचारी शासक हिन्दूयों का नरसंहार करता।

 शासन भारत को अपना गुलाम बनाता। और न ही ऐ ओ ह्यूम जैसा विदेशी कांग्रेस की स्थापना करता। न ही गांधी- नेहरू- ज़िन्ना जैसे कथित नेता अंग्रेजों के इशारे पर भारत माँ का सीना चिरवाकर पाकिस्तानी नासूर पैदा करते  और न ही लाखों लोगों का कत्लेआम होता और न करोड़ों हिंदुओं को अपनी मातृभूमि को छोड़कर अपने ही देश में शरणार्थी कहलाते। अगर हिन्दू 1947 में भी कट्टर और आतंकी बन जाता तो इस देश में न ही कोई धर्मनिरेक्षता का राग गानेवाला होता और न  ही  देश में साम्प्रदायिकता के विरुद्ध एकजुट होने का नारे लगाने वाले नेता अपना सत्ता हथियाने का खेल खेल रहे होते। काश हिन्दू कट्टर होता तो यह सेकुलरवाद का कीड़ा भी कथित बुद्धिजीवीवियों के दिमाग में अपना घर बनाता।काश हिन्दू अब भी कट्टर और आतंकी हो जाये तो शायद भारत की साडी समस्याओं का हल निकल जाये। शायद ऐसा होता तो  संजय लीला भंसाली जैसा भांड और सिर्फ  पैसे को अपना धर्म -इमान बना चुके और खुद को अभिव्यक्ति का  स्वयंभू पूरोधा मान चुके यह हिन्दू विरोधी मानसिकता से ग्रस्त लोग  पद्मावती जैसी राजपूत वीरांगना के चरित्र का हनन करने की चेष्टा करना तो दूर ऐसी कल्पना भी नहीं कर पाते।  पर अफ़सोस हिन्दू ऐसा नहीं बना है परन्तु अगर हिंदुओं के प्रतिमानों और अस्मिता से कोई खिलवाड़ करेगा तो सदियों से शांति का मन्त्र जाप करनेवाला हिन्दू अब कट्टर और आतंकी बन जाने को मजबूर हो जायेगा।त करते।




Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Feedback  
  
 
     



Related Links
दिल्ली बार कौंसिल के नवनिर्वाचित चेयरमैन श्री राकेश सेहरावत का किया गया हार्दिक अभिनंदन।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/यहां दिल्ली बार कौंसिल के नवनिर्वाचित चेयरमैन श्री राकेश सेहरावत का स्थानीय अधिवक्ताओं ने नागरिक अभिनंदन किया।समारोह में शाहदरा बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव प्रवीण चौधरी विशेष रूप से उपस्थित हुए। ज्ञात हो कि श्री सेहरावत को दिल्ली बार कॉन्सिल का निर्विरोध रूप से चेयरमैन निर्वाच
 
हिन्दु मुसलमानों से अगर कुछ सीख लेते,तो उनको दुर्दिन न देखने पड़ते। -अश्विनी भाटिया
हिन्दुओं को मुसलमानों से कुछ सीखना भी चाहिये न कि सिर्फ उनकी आलोचना ही करनी चाहिए। मुस्लिमों से यह सीखना चाहिए किअपने मजहब् /धर्म को मानने वाले के लिये आवाज उठाना और अपनी बात मनवाने के लिये हिंसा भी करने से पिछे न हटना चाहिए।यही है इसलाम का मूलमंत्र ज़िसकी वजह से इसलाम दुनिया भर में फैल गया गया। हिन्दुओं मे
 
आर एस चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंद लोगों को फ्री राशन और राखी का वितरण।
दिल्ली(रमन भाटिया)।यहां गीता भवन,भोलानाथ नगर, शाहदरा में आर एस चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा लगभग 500 गरीब परिवारों को फ्री राशन और राखी का वितरण किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर श्री श्याम सुंदर अग्रवाल जी रहे।
 
देश विभाजन और लाखों लोगों की हत्या के जिम्मेदार गांधी-नेहरू और जिन्ना को हम कभी माफ नहीं करेंगे। -अश्विनी भाटिया आज 15 अगस्त है।आज से 74 वर्ष पूर्व जहां भारत को अंग्रेजी साम्राज्य से मुक्ति मिली,वहीं भारत को विभाजन का दर्द भी मिला।
देश को धार्मिक हिन्दू- मुस्लिम आधार पर दो टुकड़ों में विभाजित करवाने के जिम्मेदार नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना को जहां राजसत्ता मिली वहीं करोड़ों लोगों को अपने ही देश में शरणार्थी बन जाने कीअंतहीन पीड़ा मिली। जहां भारत को विदेशी शासन से मुक्त होने की खुशी तो मिली परंतु,देश को विभाजन का दर्द भी मिला।उस समय
 
ममता ने सभी संवैधानिक मर्यादाओं को किया तार -तार।बंगाल की हिंसा को सरकार का संरक्षण।- विजयवर्गीय
(अश्विनी भाटिया)/ दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल के प्रभारी श्री कैलाश विजयवर्गीय ने सुलगते बंगाल विषय पर 'देश के साथ एक संवाद' कार्यक्रम को VC के माध्यम से पार्टी के कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया।
 
भोलानाथ नगर मेन रोड का नामकरण लाला सूरज भान जैन के नाम से किया गया।
शाहदरा(रमन भाटिया)/यहां भोलानाथ नगर मेन रोड( नियर स्टेट बैंक) का नामकरण लाला सूरज भान जैन के नाम पर कर दिया गया। ज्ञात हो कि स्वर्गीय जैन साहब जनसंघ के समय से ही पार्टी के साथ जुड़े हुए थे और पूर्वी दिल्ली के महापौर निर्मल जैन जी उन्हीं के सपुत्र हैं।
 
आर एस चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जरूरत मंद परिवारों को किया गया राशन किट का वितरण।
शाहदरा,( रमन भाटिया)। यहां आर एस चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा श्री नरेंद्र मोदी सरकार के सात वर्ष सफल कार्यकाल के पूर्ण होने पर जरूरत मंद परिवारों को सूखे राशन का वितरण किया गया। ज्ञात हो कि ट्रस्ट द्वारा कोरोना काल में राशन वितरण का यह तीसरा अवसर था। कार्यक्रम में निगम पार्षद संजय गोयल, वरिष्ठ पत्रकार व अ
 
खुद को मिले अन्नदाता के सम्मान की लाज बनाए रखें किसान। नए कृषि कानून उनके नहीं दलालों के विरूद्ध हैं।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और सरकार का विरोध करने का अधिकार है, परंतु यह अधिकार दूसरों के अधिकारों का हनन करने लगे तो फिर कानून की यह जिम्मेदारी बन जाती है कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाए। किसानों को सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानूनों को लेकर अपना विरोध प्रकट करने का पूरा अधिकार
 
क्यों दिल्ली में भाजपा में हो गई जमीनी और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी? क्या भाजपा भी अब कांग्रेस की राह पर चल रही है?
दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/दिल्ली में अभी भाजपा ने250 मंडलों पर अध्यक्षों तो की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों से कई जगह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में रोष भी है और वह दबी जुबान में अपना दर्द भी और को बता रहे हैं। वास्तविकता तो यह है कि भाजपा के कठिन समय में जिन लोगों ने पार्टी के लिए दिन- रात मेहनत की, कष्ट
 
श्रीराम मंदिर निर्माण ही हमाराअंतिम लक्ष्य नहीं l अपना धर्म/संस्कृति बचाने का संघर्ष जारी रहेगा।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/हमारा सदियों से चलता आ रहा देव स्थान मुक्ति अभियान राम मंदिर के निर्माण तक ही नहीं रुकना चाहिए। पिछले कई शताब्दियों से हमारी संस्कृति और सभ्यता को नष्ट- भ्रष्ट करनेवाली राक्षसी ताकतें आज भी हमें समूल समाप्त करने की साजिशों में लगी हैं।
 
All Rights Are Reserve @voiceofbharat.in
Site Designed And Developed By Dass Infotech